नई दिल्ली, 3 अप्रैल। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के नेतृत्व में आज दिल्ली तकनीकी विश्वविद्यालय (डीटीयू) में छात्रहित से जुड़े गंभीर मुद्दों को लेकर एक विशाल विरोध प्रदर्शन किया गया। इस आंदोलन में सैकड़ों छात्रों ने भाग लिया और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। विश्वविद्यालय में हो रही अनुचित फीस वृद्धि, हॉस्टल शुल्क में तीन गुना बढ़ोतरी, बैकलॉग एवं मेकअप परीक्षा शुल्क में मनमानी बढ़ोतरी जैसी समस्याएँ छात्रों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाल रही हैं। इसके अतिरिक्त, मेस में खराब गुणवत्ता का भोजन, परीक्षा परिणाम में देरी, नई ग्रेडिंग प्रणाली की विसंगतियाँ, और प्रशासन की अकर्मण्यता छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही हैं।
अभाविप ने इस प्रदर्शन के माध्यम से न केवल इन मुद्दों को उजागर किया, बल्कि विश्वविद्यालय प्रशासन से तत्काल समाधान की माँग भी की। शिक्षण गुणवत्ता में गिरावट, शिकायत निवारण प्रणाली की निष्क्रियता, कैंपस की मूलभूत सुविधाओं की कमी जैसे मुद्दों को लेकर छात्रों में गहरी नाराजगी है। मुख्य कैंटीन और विश्वविद्यालय के बैक गेट को पुनः खोलने की माँग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन प्रशासन की उदासीनता के कारण छात्रों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शन के बाद, एबीवीपी के नेतृत्व में 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय कुलपति से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से सभी समस्याओं पर ठोस कदम उठाने की माँग रखी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के भीतर सभी मुद्दों पर ठोस निर्णय लेकर समाधान की दिशा में कार्य किया जाएगा।
एबीवीपी डीटीयू इकाई अध्यक्ष अजय दहिया एवं इकाई मंत्री नितेश महाला ने कहा की विश्वविद्यालय प्रशासन को विद्यार्थियों की समस्याओं को गंभीरता से लेना होगा और उनका शीघ्र समाधान सुनिश्चित करना होगा। इसी संदर्भ में, एबीवीपी प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति को विभिन्न छात्र-संबंधी मुद्दों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा है। प्रशासन ने हमें आश्वासन दिया है कि एक सप्ताह के भीतर सभी समस्याओं के समाधान पर निष्कर्ष पर पहुँचा जाएगा। यदि इस अवधि में ठोस समाधान नहीं निकाला गया, तो विद्यार्थी परिषद मजबूती से आवाज़ उठाएगी और आवश्यकता पड़ने पर बड़े स्तर पर आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेगी।