Sunday, 18 January 2026

अम्बेडकर कॉलेज में राष्ट्रीय युवा दिवस का आयोजन


नई दिल्ली, 17 जनवरी। डॉ भीम राव अम्बेडकर कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय युवा दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में मनोहर लाल तथा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के तरुण कुमार उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि अम्बेडकर कॉलेज के प्राचार्य सदानंद प्रसाद तथा ज्योति नगर के पुलिस अधिकारी वेद प्रकाश जी उपस्थित थे। 

मुख्य वक्ता ने विवेकानंद के जीवन की विशेषता बताते हुए 1893 शिकागो धर्म संसद में विवेकानंद का भारत के प्रतिनिधित्व तथा उनके के विचारों को बताते हुए कहा की आज के युवाओं को चरित्रवान बनाना चाहिए और समाज को एक अच्छे दिशा की ओर ले जाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने विवेकानंद द्वारा श्रीमद्भागवत गीता को सभी धर्मों का आधार बताए जाने को लेकर विस्तार से बताया। युवाओं से आग्रह किया की गुरुओं का जितना सम्मान करेंगे आपका ज्ञान उतना ही बढ़ेगा तथा अपने लक्ष्य के प्रति सदैव तात्पर्य रहो। उन्होंने ने कहा की लार्ड मैकाले ने भारत पर राज करने के लिए भारत की संस्कृति, गुरुकुल और परंपराएं नष्ट किया, परन्तु भारत की संस्कृति इतना व्याप्त और विशाल है कि उसे समाप्त करना संभव नहीं है। लेकिन इसे संरक्षित करने में आज के युवाओं को पूर्ण योगदान देना चाहिए। उन्होंने बताया कि महात्मा गांधी कहते थे कि स्वामी विवेकानंद जी को पढ़ने के बाद भारत के प्रति मेरी देशभक्ति की भावना बढ़ गई।  

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के तरुण कुमार ने युवाओं को संबोधित में कहा की स्वामी जी के विचारों से हमे अध्यात्म और त्याग की भावना की सिख मिलती है। स्वामी विवेकानंद जी की 150वीं जयंती के अवसर पर विश्व विख्यात वाक्य जिनके ओजस्वी वचनों से गूंज उठा था विश्व गगन। वही प्रेरणा पुंज हमारे, स्वामी पूज्य विवेकानंद।। संदर्भित कर युवाओं को स्वामी विवेकानंद जी के आदर्शों पर चलने के लिए प्रेरित करता है। कार्यक्रम के अंत में संचालन समिति ने अतिथियों, वक्ताओं तथा वहां उपस्थित विद्यार्थियों का धन्यवाद किया।

रंगकर्मी जयंत राभा के निर्देशन में प्रेमचंद की लड़कियाँ का मंचन

दीपा कुमारी    


नई दिल्ली, 18 जनवरी। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय संस्कार रंग टोली  द्वारा आयोजित संडे क्लब के कलाकारों द्वारा कलरव थिएटर फेस्टिवल के अंतर्गत  प्रेमचंद की लड़कियाँ नाटक का शानदार मंचन किया गया। मुंशी प्रेमचंद की कालजयी कहानियों पर आधारित यह नाटक दर्शकों के लिए सामाजिक विमर्श और कला का एक अनूठा संगम साबित हुआ।

अभिमंच सभागार में आयोजित इस नाटक के मंचन किए गए। यह नाटक प्रेमचंद की चार चुनिंदा कहानी बड़े घर की बेटी, कफन, दूध के दाम और कायर पर आधारित है। असिस्टेंट डायरेक्टर और एडाप्टेसन अमित के. कुशवाहा ने इन स्वतंत्र कहानियों को एक सूत्र में पिरोते हुए बताया कि चुनौती कहानियों के 'इमोशनल थ्रेड' को पकड़ने की थी। मंच पर एक कहानी के पात्र दूसरी कहानी के पात्र से संवाद करती है, जिससे एक डायलॉजिक रेजोनेंस या संवादात्मक प्रतिध्वनि पैदा होती है, जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देती है।

युवा ऊर्जा और निर्देशन की बारीकियां निर्देशक जयंत राभा  ने किशोर आयु के युवाओं के साथ काम करते हुए एक अद्भुत प्रयोग किया है। जयंत राभा, जिन्होंने पहले द कैनवास अ फील्ड ऑफ क्रिएटिविटी के माध्यम से बच्चों के साथ काम किया है, ने यहाँ भी युवाओं की ऊर्जा को प्रेमचंद के गंभीर विषयों के साथ जोड़ा है। उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया केवल अभिनय सीखने की नहीं, बल्कि समाज की उन कड़वी सच्चाइयों को समझने लाने की थी जो आज भी गाँवों और छोटे शहरों में विद्यमान हैं। कला और संगीत का जादुई संयोजन

नाटक की सफलता में इसके तकनीकी पक्ष का बड़ा योगदान रहा। संगीत निर्देशन  मंडी हाउस द बैंड के संस्थापक और संगीतकार देवेन्द्र अहिरवार के निर्देशन में कबीर खान, खुशी खान और ज़ारा खान की आवाज़ों ने माहौल को जीवंत बनाया। सेट और प्रशिक्षण रंगकर्मी परमानंद द्वारा तैयार सेट डिज़ाइन ने दर्शकों को सीधे प्रेमचंद के कालखंड में पहुँचा दिया। वहीं, राकेश कुमार की कोरियोग्राफी और सारस कुमार की लाइट डिज़ाइन ने दृश्य भाषा को और अधिक गहरा बनाया। वेशभूषा सुप्रसिद्ध संस्कृतिकर्मी सावित्री मिश्रा द्वारा डिज़ाइन की गई वेशभूषा ने पात्रों के सामाजिक परिवेश को पूरी प्रमाणिकता के साथ प्रदर्शित किया।

मंच पर प्रतिभा का प्रदर्शन नाटक में सायना खन्ना ,मान्या मल्होत्रा, यशिका, वंशिका रानी, और अनन्य सिंह, कनिष्क शर्मा ने अपने अभिनय से दर्शकों को भावुक कर दिया। पृथ्वी वर्मा ने माधव और श्रीकंठ की भूमिकाओं को कुशलता से निभाया, जबकि चैतन्य ने घीसू के चरित्र में जान फूँक दी। नाटक का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को केवल लचीलापन के प्रतीक के रूप में ही नहीं, बल्कि एक ऐसी शक्ति के रूप में दिखाया जिनका मौन भी विद्रोह की एक आवाज़ है। पितृसत्तात्मक समाज के पाखंड, वर्ग भेद और मानवीय संवेदनाओं के पतन को यह नाटक बखूबी उजागर करता है। इस नाटक का प्रोडक्स्न नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के निदेशक श्री चितरंजन त्रिपाठी, रजिस्ट्रार श्री प्रदीप कुमार मोहंती और टी.आई.ई. चीफ रिकन नगोमले के मार्गदर्शन में सफलता मिली।

Friday, 19 December 2025

दिल्ली विश्वविद्यालय में परीक्षाओं के दौरान हुई अनियमितताओं के विरोध में अभाविप का प्रदर्शन


नई दिल्ली, 19 दिसम्बर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने शुक्रवार को दिल्ली विश्वविद्यालय में हाल ही में आयोजित सेमेस्टर परीक्षाओं में हुई गंभीर अनियमितताओं के विरोध में एक विशाल प्रदर्शन किया। इस दौरान अभाविप ने विश्वविद्यालय के कुलपति को ज्ञापन सौंपते हुए इन अनियमितताओं को तत्काल दूर करने तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की।

ज्ञात हो कि हाल ही में दिल्ली विश्वविद्यालय में आयोजित सेमेस्टर परीक्षाओं के दौरान अनेक प्रकार की समस्याएँ सामने आईं। कई परीक्षा केंद्रों पर समय से प्रश्नपत्र उपलब्ध नहीं कराए गए, मार्किंग स्कीम को लेकर भ्रम की स्थिति रही, भाषा संबंधी त्रुटियाँ पाई गईं तथा कई प्रश्नपत्रों में गलत प्रश्न भी पूछे गए। इन गंभीर खामियों के कारण छात्रों को भारी मानसिक तनाव और असुविधा का सामना करना पड़ा।

अभाविप ने इन समस्याओं को लेकर परीक्षा के दौरान भी विरोध दर्ज कराया था तथा आज पुनः प्रदर्शन कर कुलपति को ज्ञापन सौंपते हुए परीक्षा व्यवस्था में सुधार, छात्रों के हितों की रक्षा और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। अभाविप ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि छात्रों के साथ हुए अन्याय का तत्काल समाधान किया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ठोस एवं पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

अभाविप दिल्ली के प्रांत मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में से एक है, लेकिन परीक्षाओं में बार-बार हो रही लापरवाही छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। समय पर प्रश्नपत्र न मिलना, गलत प्रश्न और अस्पष्ट मूल्यांकन व्यवस्था विश्वविद्यालय प्रशासन की गंभीर विफलता को दर्शाती है। अभाविप छात्रों के अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी और जब तक इन अनियमितताओं का स्थायी समाधान नहीं होता।

सीमापुरी विद्यालय में लैंगिक समानता पर कार्यशाला आयोजित


नई दिल्ली, 19 दिसम्बर। राजकीय बाल उच्च माध्यमिक विद्यालय पुरानी सीमापुरी और शिक्षा निदेशालय दिल्ली सरकार के तत्वधान में लैंगिक समानता पर कार्यशाला आयोजित हुई। इस मौके पर सोनाली भारद्वाज ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए लैंगिक समानता की जरूरत पर विस्तार से बताया। भारद्वाज ने छात्रों को जेंडर समानता, भावनात्मक बुद्धिमत्ता, सहानुभूति एवं मानसिक कल्याण पर मूल्यवान जानकारी प्रदान की।

इस अवसर पर प्रधानाचार्य देवेंद्र कुमार ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के समग्र विकास में मील का पत्थर साबित होते हैं तथा जेंडर समानता और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता से सशक्त समाज का निर्माण होता है। संदीप कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए रिसोर्स पर्सन को सम्मान प्रदान किया तथा विद्यालय परिवार की ओर से आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में नींव परियोजना के इंचार्ज राजेश कुमार, लाखन सिंह, आदिल आदि शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

Tuesday, 16 December 2025

अभाविप के प्रतिनिधिमंडल ने तीन मंत्रालयों में सौंपा ज्ञापन


नई दिल्ली, 16 दिसम्बर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी के नेतृत्व में अभाविप के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने आज नई दिल्ली में तीन केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर देश के महत्वपूर्ण विषयों पर ज्ञापन सौंपे हैं। अभाविप प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी, केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान तथा केंद्रीय युवा एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया से भेंट कर क्रमशः महिला सुरक्षा व स्वावलंबन, कृषि शिक्षा में सुधार और खेल नीतियों के सुदृढ़ीकरण हेतु महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए हैं।

अभाविप ने महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को सौंपे ज्ञापन में महिलाओं के विरुद्ध हो रहे साइबर अपराधों व एआई (AI) जनित आपत्तिजनक सामग्री पर रोक लगाने, किशोरियों को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियंत्रण और गणित (STEM) व नई तकनीकों में प्रोत्साहित करने, सर्वाइकल व ब्रेस्ट कैंसर जैसी बीमारियों के प्रति जागरूकता अभियान चलाने तथा महिला अपराधों के शीघ्र निपटारे हेतु फास्ट ट्रैक कोर्ट्स की संख्या बढ़ाने की मांग की है। साथ ही, कार्यस्थलों पर आंतरिक शिकायत समितियों को सक्रिय करने और आर्थिक स्वावलंबन हेतु महिला समृद्धि योजना के विस्तार पर जोर दिया गया है।

कृषि क्षेत्र में सुधार हेतु अभाविप द्वारा प्रस्तुत मांगपत्र में राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय कृषि परिषद के गठन, प्रत्येक राज्य में केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, कृषि शिक्षा का ICAR मानकों के अनुरूप सख्त नियमन, राज्य कृषि विश्वविद्यालयों व कृषि विज्ञान केंद्रों का सुदृढ़ीकरण, रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती, कृषि अनुसंधान व छात्र फेलोशिप बजट में वृद्धि, भारतीय भाषाओं में कृषि पाठ्यक्रम, NEP 2020 के अंतर्गत स्कूली कृषि शिक्षा, तथा कृषि आधारित उद्यमिता, नवाचार एवं तकनीकी प्रदर्शनी को बढ़ावा देने जैसी प्रमुख मांगे सम्मिलित हैं।

खेल एवं युवा मंत्रालय को दिए गए ज्ञापन में अभाविप ने लोक सेवा आयोग मुख्य परीक्षा में शारीरिक शिक्षा को वैकल्पिक विषय के रूप में शामिल करने, शिक्षण संस्थानों में खेल कोटा व अनिवार्य फिटनेस प्रोग्राम लागू करने और 2030 राष्ट्रमंडल खेलों हेतु 'नेशनल स्पोर्ट्स रेडिनेस फ्रेमवर्क' तैयार करने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, एनसीसी और एनएसएस के छात्रों को प्रोत्साहन देने तथा पारंपरिक भारतीय खेलों को बढ़ावा देने का विषय भी प्रमुखता से उठाया गया है।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि अभाविप प्रतिनिधिमंडल द्वारा देहरादून राष्ट्रीय अधिवेशन में पारित किए गए प्रस्तावों एवं प्राप्त सुझावों को संकलित करते हुए संदर्भित विषयों के समाधान हेतु तीन केंद्रीय मंत्रियों को आज ज्ञापन सौंपा गया है। आज हमने तीन प्रमुख मंत्रालयों के समक्ष महिला सुरक्षा, कृषि शिक्षा और खेल जगत संबंधी समस्याओं से अवगत कराते हुए उनके व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किए हैं। महिलाओं के लिए सुरक्षित डिजिटल परिवेश, कृषि शिक्षा में एकरूपता के लिए राष्ट्रीय परिषद का गठन और खेल को शिक्षा का अभिन्न अंग बनाना विकसित भारत की संकल्पना के लिए आवश्यक है। माननीय मंत्रियों ने इन विषयों पर सकारात्मक रुख दिखाया है और हमें विश्वास है कि इन सुझावों पर शीघ्र ही प्रभावी नीतिगत निर्णय लिए जाएंगे।

राष्ट्रीय सुरक्षा पूरे राष्ट्र की साझा जिम्मेदारी : संजय सेठ


नई दिल्ली, 16 दिसम्बर। विजय दिवस के पावन अवसर पर, 1971 के ऐतिहासिक युद्ध में भारत की निर्णायक विजय को स्मरण करते हुए, वेटरन्स इंडिया द्वारा नई दिल्ली के एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में एक भव्य राष्ट्रीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन सशस्त्र बलों के अमर बलिदान को नमन करने के साथ-साथ राष्ट्र के प्रति समर्पण, एकता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को और सुदृढ़ करने का अवसर बना।

कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख राम लाल जी विशिष्ट अतिथि के रूप में मंचासीन थे। बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों, नीति-निर्माताओं, शिक्षाविदों और समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने आयोजन को राष्ट्रीय चिंतन और नागरिक सहभागिता का सशक्त मंच बना दिया। इस अवसर पर वेटरन्स इंडिया के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. बी.के. मिश्रा, प्रो. (डॉ.) अनिल सहस्रबुद्धे, प्रो. (डॉ.) टी.जी. सीताराम, प्रो. विनय कुमार पाठक, न्यायमूर्ति पी.एन. रवींद्रन, डॉ. एम.आर. जयराम, सामाजिक कार्यकर्ता रौशन कुमार सिंह और प्रो. डॉ सुनील पारिक सहित अनेक विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।

सभा को संबोधित करते हुए संजय सेठ ने कहा कि 16 दिसंबर भारत के लिए गौरव और आत्मसम्मान का प्रतीक है, जब 1971 में भारतीय सेना ने पाकिस्तान को निर्णायक रूप से पराजित किया और बांग्लादेश का उदय हुआ। उन्होंने याद दिलाया कि उस युद्ध में 93 हजार पाकिस्तानी सैनिकों का आत्मसमर्पण हुआ, जो विश्व सैन्य इतिहास की एक अभूतपूर्व घटना है। उनके अनुसार विजय दिवस भारतीय सशस्त्र बलों के अदम्य साहस, अनुशासन और त्याग का प्रतीक है।

रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि भारतीय सेना न केवल सीमाओं की रक्षा करती है, बल्कि 140 करोड़ नागरिकों की सुरक्षा की गारंटी भी है। उन्होंने सैनिकों और पूर्व सैनिकों के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए वन रैंक, वन पेंशन और रोजगार सहायता जैसी योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा केवल सेना की नहीं, बल्कि पूरे देश की सामूहिक जिम्मेदारी है, और इसके लिए ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना के साथ हर नागरिक को योगदान देना होगा।

राम लाल जी ने 1971 के युद्ध में सशस्त्र बलों की ऐतिहासिक भूमिका को स्मरण करते हुए वर्तमान में भी कठिन परिस्थितियों में देश की रक्षा कर रहे सैनिकों को नमन किया। उन्होंने कहा कि विजय दिवस हर नागरिक को सैनिकों के त्याग और राष्ट्रसेवा की भावना से जुड़ने की प्रेरणा देता है।

कार्यक्रम के दौरान प्राइड ऑफ नेशन अवॉर्ड्स 2025 के माध्यम से सामाजिक सेवा, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित किया गया। वर्ष 2015 में स्थापित वेटरन्स इंडिया आज 38 लाख से अधिक सदस्यों के साथ एक गैर-राजनीतिक, राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन के रूप में मूल्य आधारित और समावेशी राष्ट्र निर्माण की दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

Thursday, 11 December 2025

उद्यमिता विषय पर कार्यशाला का आयोजन


नई दिल्ली, 11 दिसम्बर। शिक्षा विभाग दिल्ली सरकार नींव परियोजना के अंतर्गत डायलॉग का आयोजन राजकीय बाल उच्च विद्यालय पुरानी सीमापुरी में किया गया। जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में दिल्ली विश्वविद्यालय के दिल्ली कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड कॉमर्स की सहायक आचार्य  डॉ. आकांक्षा खुराना ने विद्यार्थियों को “उद्यमिता (Entrepreneurship)” विषय पर प्रेरक व्याख्यान दिया। 

 उन्होंने अपनी विशेष रूप से तैयार की गई प्रेज़ेंटेशन के माध्यम से उद्यमिता की अवधारणा, सफल उद्यमियों के गुण, जोखिम उठाने की क्षमता, उद्यमी सोच (Entrepreneurial Mindset), उद्यमिता की प्रक्रिया, व्यवहार्यता विश्लेषण, बिज़नेस मॉडल के मुख्य अवयव, वित्तीय साक्षरता तथा आधुनिक तकनीक की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर छात्र छात्राओं को सरल एवं प्रभावी तरीके से जागरूक किया। 

प्रस्तुतीकरण के दौरान डॉ. खुराना ने विद्यार्थियों को क्विज़, केस स्टडी (ज़ोमैटो, पेटीएम, मेशो आदि) तथा विभिन्न अभ्यासों (Opportunity Spotting, Business Model Canvas, Risk Assessment, Elevator Pitch आदि) के माध्यम से सक्रिय रूप से सम्मिलित किया, जिससे बच्चों में रचनात्मक एवं आलोचनात्मक सोच का विकास हुआ। 

उन्होंने प्रश्नावली के माध्यम से विद्यार्थियों से उद्यमिता, स्टार्टअप, जोखिम प्रबंधन, डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े प्रश्न पूछे तथा उनकी शंकाओं का समाधान करते हुए उन्हें भविष्य में स्वयं रोज़गार सृजक बनने के लिए प्रेरित किया। 

कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय प्रमुख श्री देवेंद्र कुमार ने की। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए नींव परियोजना के डायलॉग–2 के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला तथा बताया कि इस प्रकार के संवाद कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास कैरियर जागरूकता और 21वीं सदी के कौशलों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने छात्रों को ऐसी सभी शैक्षिक एवं सह–पाठ्यचर्या गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए उत्साहित किया।

नींव परियोजना के इंचार्ज श्री राजेश कुमार ने मुख्य अतिथि डॉ. आकांक्षा खुराना का औपचारिक परिचय कराया और कार्यक्रम की रूपरेखा पर  विस्तार से चर्चा की।

कार्यक्रम के संयोजक डॉ. संदीप कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से पूर्व प्रधानाचार्य श्री आर. के. गौतम, श्री तरुण झा, श्री प्रभाकर प्रसाद श्रीवास्तव, श्री पंकज पांडेय, श्री जीत बहादुर त्रिपाठी, डॉ. विवेक तिवारी, श्री लाखन सिंह, श्री आदिल, श्री शिव कुमार शर्मा, श्री राकेश, श्री ललित, श्री जितेंद्र, श्री महबूब आलम, श्री राजकुमार, श्री राम भवन, श्री सचिन, श्री अजीत यादव, श्री पवन, श्री शजर, अमित, अनुभव, महेश, रुचि, आरुषि, नमरा आदि शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित थे।