संकल्प मिश्रा
नई दिल्ली, 7 मार्च। वनवासी कल्याण आश्रम द्वारा दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस कॉलेज के सभागार में “नारी शक्ति सम्मेलन” का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से सैकड़ों जनजातीय समाज की महिलाओं, छात्राओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। इस सम्मेलन का उद्देश्य समाज में नारी शक्ति की भूमिका को सशक्त बनाना तथा महिलाओं के नेतृत्व, शिक्षा और सामाजिक योगदान से राष्ट्रहित में कार्य करने को प्रोत्साहित करना है ।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि के रूप में दिल्ली सरकार की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की उपस्थित रहीं। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा की भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति का स्वरूपा माना गया है और समाज के विकास में जनजातीय महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि नारी के सशक्तिकरण से ही समाज और राष्ट्र की समग्र उन्नति संभव है। वनवासी कल्याण आश्रम सभी जनजातीय महिलाओं एवं वनवासी लोगों को देश से जोड़ने का कार्य निरंतर 70 वर्षों से कर रहा है। महिलाओं को स्वालंबी, सशक्त, बनाने में कल्याण आश्रम अहम भूमिका निभा रहा है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही,प्रसिद्ध समाजसेवी एवं लेखिका डॉ. शशि बुबना ने अपने वक्तव्य में कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं की भागीदारी टेक्नोलॉजी में एवं सेना से लेकर पूरे समाज के सभी दिशाओं में नेत्रत्व कर रही हैं। महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने का कार्य कल्याण आश्रम कर रहा है।
इस सम्मेलन की मुख्य वक्ता श्रीमती अनुराधा भाटिया (अखिल भारतीय सह महिला कार्य प्रमुख) हैं, उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि जनजातीय समाज के बीच महिलाओं की भागीदारी जितनी सशक्त होगी, राष्ट्र उतना ही सुदृढ़ बनेगा और इस कार्य को निरंतर वनवासी कल्याण आश्रम निरंतर 74 वर्ष से कर रहा है, आज भी गुरुकुल परंपरा के आधार पर छात्रावास वनवासी कल्याण आश्रम चला रहा है।
इस कार्यक्रम में अलग-अलग जनजातियों के पारंपरिक नृत्यों की भी प्रस्तुति की गई। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. रुचि भारद्वाज (वरिष्ठ आयुर्वेद सलाहकार), श्रीमती वंदना सेठ, प्रो. रुचिका वर्मा (उप प्राचार्य, रामजस कॉलेज) तथा डॉ. मीनाक्षी हेगड़े की उपस्थित रहीं। सभी वक्ताओं ने महिलाओं की राष्ट्रनिर्माण में सशक्त भूमिका को निभाने की बात कही। कार्यक्रम में रामजस कॉलेज के प्राचार्य अजय अरोड़ा और वनवासी कल्याण आश्रम के संगठन मंत्री अतुल जोग, एवं कल्याण आश्रम के जनजाति सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सूर्यनारायण सूरी, प्रफुल्ल अकांत वनवासी कल्याण आश्रम एवं अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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