Tuesday, 12 May 2026

परीक्षा की पारदर्शिता तथा शुचिता भंग कर रहे शिक्षा माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित हो: अभाविप


नई दिल्ली, 12 मई। नीट-यूजी 2026 परीक्षा में सामने आए कथित पेपर लीक एवं अनियमितताओं के प्रकरण की जांच केंद्र सरकार द्वारा सीबीआई को सौंपना एक उचित एवं आवश्यक कदम है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद प्रारंभ से ही इस पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रही थी। सीबीआई जांच के दौरान जो भी साक्ष्य, नेटवर्क एवं दोषी व्यक्ति सामने आएं, उनकी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि वर्षों से राष्ट्रीय परीक्षाओं में सक्रिय शिक्षा-माफिया एवं भ्रष्ट तंत्र का पूर्ण रूप से भंडाफोड़ हो सके। देश के लाखों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को किसी भी स्तर पर संरक्षण नहीं मिलना चाहिए तथा सभी दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

लगातार विभिन्न राष्ट्रीय परीक्षाओं में सामने आ रही गड़बड़ियां राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े करती हैं। वर्षभर कठिन परिश्रम करने वाले विद्यार्थियों के साथ बार-बार इस प्रकार की घटनाएं होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं विश्वासघातपूर्ण है। नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए एनटीए के महानिदेशक को तत्काल अपने पद से त्यागपत्र देना चाहिए। साथ ही, ऐसी संस्थागत विफलताओं को देखते हुए एनटीए की भूमिका एवं संरचना की व्यापक समीक्षा आवश्यक है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद स्पष्ट रूप से मानती है कि विद्यार्थियों के हित, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था एवं दोषियों के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई हेतु इस पूरे नेक्सस को ध्वस्त करना अनिवार्य है, विद्यार्थी परिषद इस संघर्ष में देशभर के विद्यार्थियों के साथ निरंतर खड़ी रहेगी।

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