नई दिल्ली, 22 मई। दिल्ली के लाल।किले में 24 मई रविवार को जनजातीय सांस्कृतिक समागम आयोजित होने जारहा है। जिसकी तैयारियाँ ज़ोर-शोर से चल रही है। यह आयोजन भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित होने जा रहा है। इस आयोजन में देशभर के जनजातीय समाज की सांस्कृतिक अस्मिता, आस्था और पारंपरिक जीवन मूल्यों को राष्ट्रीय महाआयोजन के रूप में देखा जा सकता है। आयोजकों के अनुसार इस ऐतिहासिक समागम में देश के विभिन्न राज्यों से लगभग 1.5 लाख जनजातीय समाज के प्रतिनिधि एवं समाजबंधुओं की सहभागिता अपेक्षित है। विशेष रूप से अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह से भी प्रतिनिधिमंडलों का आगमन सुनिश्चित हुआ है।
आयोजन के अंतर्गत दिल्ली के अलग अलग स्थानों से पाँच भव्य शोभायात्राएँ आयोजित की जाएँगी, जो इस प्रकार हैं- राजघाट चौक, रामलीला मैदान, अजमेरी गेट चौक, कुदसिया बाग (कश्मीरी गेट), श्यामगिरि मंदिर (शास्त्री पार्क बस डिपो के पास) जिनका लाल किले के ग्राउंड में समापन होगा। शोभायात्राओं के मार्गों की पहचान और अंतिम रूप देने की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। आयोजन को सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन हेतु दिल्ली पुलिस तथा स्थानीय प्रशासन के साथ निरंतर समन्वय किया जा रहा है। विभिन्न स्तरों पर नियमित समन्वय बैठकों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि कार्यक्रम का संचालन सुचारु एवं सुरक्षित रूप से संपन्न हो सके।
देशभर से आने वाले जनजातीय प्रतिभागियों के ठहरने हेतु दिल्ली के 79 विभिन्न स्थानों पर आवासीय व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गई हैं। चूँकि कार्यक्रम ग्रीष्म ऋतु में आयोजित हो रहा है, इसलिए पेयजल एवं गर्मी से राहत संबंधी व्यवस्थाओं को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। लाल किला के ग्राउंड में विशाल पंडाल, बैठक व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाओं की तैयारियाँ भी तेजी से चल रही है।
इस जनजातीय सांस्कृतिक समागम के मुख्य अतिथि भारत सरकार के यशस्वी गृह मंत्री श्री अमित शाह होंगे। आयोजकों के अनुसार इस विराट आयोजन को सफल बनाने के लिए एक विशेष समन्वय समिति लगातार कार्य कर रही है। समिति का उद्देश्य दिल्ली में पहली बार आयोजित हो रहे इस अभूतपूर्व जनजातीय सांस्कृतिक समागम को सुव्यवस्थित, गरिमामय और ऐतिहासिक बनाना है।

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