Sunday, 10 May 2026

नॉन-कॉलेजिएट महिला शिक्षा बोर्ड अग्रसेन कॉलेज में वार्षिकोत्सव सम्पन्न


नई दिल्ली, 10 मई। नॉन-कॉलेजिएट महिला शिक्षा बोर्ड महाराजा अग्रसेन महाविद्यालय शिक्षण केंद्र का वार्षिकोत्सव अत्यंत उत्साह, गरिमा एवं सांस्कृतिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय अतिथि महोदया, प्रिंसिपल महोदय एवं शिक्षक प्रभारी द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ ही छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना ने पूरे वातावरण को ज्ञान, संस्कृति और सकारात्मक ऊर्जा से आलोकित कर दिया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में डी. डी. इंडिया की वरिष्ठ सलाहकार संपादक सकल भट्ट जी का महाविद्यालय परिवार द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया। कार्यक्रम के दौरान अतिथि सकल भट्ट एवं शिक्षक प्रभारी पुनीता अग्रवाल, तथा दिल्ली यूनिवर्सिटी शिक्षक संघ की कोषाध्यक्ष आकांक्षा खुराना व तेज नारायण ओझा जी द्वारा महाविद्यालय की  द्विभाषिक पत्रिका “अग्रजा” के चौथे अंक का विमोचन भी किया गया,  जिसने समारोह को विशेष गरिमा प्रदान की।

इसके पश्चात् शिक्षक प्रभारी पुनीता अग्रवाल जी ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए पूरे सत्र में संचालित होने वाली शैक्षणिक उपलब्धियों,  सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं सह-शैक्षणिक आयोजन पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बी.ए की छात्राओं द्वारा 94 तथा बी.कॉम की छात्राओं द्वारा 92 प्रतिशत परीक्षा परिणाम प्राप्त कर महाविद्यालय की शैक्षणिक गरिमा को और अधिक ऊँचाई प्रदान की गई है। अपने सम्बोधन में 10 मई ‘मातृशक्ति दिवस’ की विशेष शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने शिक्षक साथियों के योगदान और छात्राओं के सर्वागीण विकास के लिए उनके द्वारा किए गए प्रयासों की विशेष सराहना की. छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्होंने शिक्षा, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा परिणाम तक सीमित नहीं होती,  बल्कि यह व्यक्तित्व निर्माण और समाज के प्रति उत्तरदायित्व का भी माध्यम है। साथ ही उन्हें निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहने के लिए अपनी शुभाकामनाएं दी. 

डी. डी. इंडिया की वरिष्ठ सलाहकार संपादक श्रीमती सकल भट्ट जी जिन्होंने मुख्य अतिथि के रूप में अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में छात्राओं को जीवन, करियर और आत्मनिर्भरता से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि निरंतर परिश्रम, अनुशासन और सकारात्मक सोच ही सफलता की वास्तविक कुंजी है।

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. संजीव तिवारी जी ने अपने संबोधन में छात्राओं को अनुशासन, परिश्रम और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने छात्राओं की उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए शिक्षक-प्रभारी एवं सभी शिक्षकगण एवं महाविद्यालय परिवार को बधाई दी.

वरिष्ठ शिक्षक तेज सिंह ओझा जी ने भी 10 मई के पावन अवसर पर भारत के प्रथम स्वतंत्रता आंदोलन 1857 के अमर शहीदों को श्रधासुमन अर्पित करते हुए अपने संक्षिप्त किंतु सारगर्भित वक्तव्य में शिक्षा, संस्कार और अनुशासन के महत्व पर प्रकाश डाला।

वार्षिकोत्सव पुरस्कार वितरण के अंतर्गत शैक्षणिक गतिविधियों में प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं अन्य महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं को सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त पूरे सत्र में आयोजित होने वाले विभिन्न गैर-शैक्षणिक गतिविधियों के विजेता प्रतिभागियों को भी पुरस्कार प्रदान किए गए। पुरस्कार प्राप्त कर छात्राओं के चेहरे उत्साह और आत्मविश्वास से दमक उठे।

अंत में विश्वविद्यालय कुलगीत एवं राष्ट्रगान के सामूहिक गायन ने पूरे वातावरण को भावपूर्ण और गरिमामय बना दिया। समारोह का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ| कार्यक्रम की सफलता में महाविद्यालय परिवार, शिक्षकगण,  नॉन-टीचिंग स्टाफ एवं छात्राओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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